बुधवार, मार्च 28, 2018

13 साल की बच्ची ने बनाई स्कूल बैग के बोझ पर शॉर्ट फिल्म, होगी स्क्रीनिंग

पुणे
बच्चों पर पड़ते पढ़ाई के दबाव और इसके साथ बढ़ते बस्ते के वजन को शायद ही बड़े समझ पाएं, यही वजह है कि 13 साल की एक बच्ची ने यह तकलीफ बड़ों तक पहुंचाई है। 13 साल की नंदिता नाचारे ने इसके लिए शॉर्ट फिल्म बनाई है, जिससे लोग सिर्फ इस तकलीफ को सुने नहीं, करीब से देख और महसूस कर सकें। 
स्कूल बैग नाम की इस फिल्म में नंदिता ने भारी बैग से होने वाली परेशानियों और बच्चों पर पड़ने वाले बोझ को दिखाया है। नंदिता की फिल्म को नैशनल साइंस फिल्म फेस्टिवल में स्क्रीनिंग के लिए चुना गया है। भारत सरकार के विज्ञान एवं तकनीक विभाग के अंतर्गत आने वाला संगठन विज्ञान प्रसार इस फिल्म फेस्टिवल का आयोजन करता है। 16 अन्य फिल्मों के साथ इसे भी बच्चों के 'डी वर्ग' में शामिल किया गया है।
फिल्म के बारे में माधव सदाशिवराव गोलवलकर गुरुजी स्कूल सातवीं में पढ़ने वाली नंदिता बताती हैं, 'मेरे मन में एक शॉर्ट फिल्म बनाने का ख्याल आया और इसके लिए मैंने अलग से क्लास भी की। यहां मैंने डायरेक्शन, स्टोरी राइटिंग और फिल्म मेकिंग से जुड़ी चीजें सीखीं।' वह बताती हैं कि जब मैंने शॉर्ट फिल्म बनाने के लिए विषय चुना तो पहला ख्याल भारी स्कूल बैग का ही आया।
नंदिता का कहना है कि हर दिन हमें हद से ज्यादा भारी बैग उठाकर स्कूल जाना पड़ता है और इस तरह थकने के बाद कैसे पढ़ाई
हो सकती है? नंदिता खुश है कि सबको उसकी बनाई शॉर्ट फिल्म सबको पसंद आ रही है। 

10वीं के गणित और 12वीं के इकनॉमिक्स की परीक्षा दोबारा होगी

नई दिल्ली
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के स्टूडेंट्स के लिए बड़ी खबर है। 10वीं के गणित और 12वीं के इकनॉमिक्स की परीक्षा दोबारा ली जाएगी। हालांकि अभी यह जानकारी सामने नहीं आई है कि यह परीक्षा किस दिन कराई जाएगी। इस साल सीबीएसई बोर्ड के एग्जाम में पेपर लीक होने की चर्चाएं थीं। पुलिस कुछेक मामलों की जांच भी कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक परीक्षा को दोषमुक्त रखने के लिए बोर्ड ने यह फैसला लिया है। बुधवार को सीबीएसई ने इन दो पेपरों में फिर से परीक्षा लेने की पुष्टि कर दी है। आपको बता दें कि 12वीं इकनॉमिक्स की परीक्षा 27 मार्च और 10वीं गणित की परीक्षा 28 मार्च को हुई थी। सीबीएसई ने बताया है कि परीक्षा की तारीख की घोषणा एक सप्ताह के भीतर वेबसाइट पर कर दी जाएगी।
इस साल 5 मार्च से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की दसवीं और बारहवीं की परीक्षाएं शुरू हुई थीं। इन परीक्षाओं में देशभर से 28 लाख, 24 हजार, 734 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। सीबीएसई के मुताबिक इस साल दसवीं की परीक्षा में 16 लाख, 38 हजार, 428 और बारहवीं की परीक्षा में 11 लाख, 86 हजार, 306 परीक्षार्थी रजिस्टर हुए थे।

शुक्रवार, मार्च 23, 2018

नवरात्रों में 'पहल वाटिका' में बढ़ी बच्चों की रौनक

बुजुर्गों के आदर-सम्मान बनाए रखने के लिए पहल वाटिका का निर्माण: दीपक अग्रवाल 

 बच्चों को लुभा रहे विदेशी पक्षी


 दीपाक्षर टाइम्स संवाददाता
जम्मू। नेशनल हाइवे 17वें मील से महज डेढ़ किमी. दूरी पर गांव सलमेरी में स्थित 'बजुर्गांं दा बेह्ड़ा' पहल वाटिका में नवरात्रों के पावन अवसर पर हर तरफ रौनक का आलम बन रहा है। परीक्षाओं के तनाव से राहत पा चुके स्कूली बच्चे भी 'पहल वाटिका' में पहुंच कर मनोरंजन का पूरा लुत्फ उठा रहे हैं। विजयपुर क्षेत्र के कई प्रसिद्ध स्कूलों तथा टयुशन केंन्द्रों के बच्चे हर दिन 'बजुर्गां दा बेह्डा' पहल वाटिका में पहुंच रहे हैं।

पहल वाटिका पहुंचने वाले बच्चे जहां अपनी मौज मस्ती करने में व्यस्त रह रहे हैं, वहीं उनको कुछ नया सीखने समझने का मौका भी मिल रहा है। स्कूल प्रबंधन व 'बुजुर्गों दा बेह्ड़ा' प्रबंधन स्कूली बच्चों को अपनी तरफ से हर बेहतर सेवाएं और सुविधाएं उपलब्घ करवा रहे हैं।

'बजुर्गां दा बेह्ड़ा' स्थित पहल वाटिका में पहुंचने वाले निजी चाड़क ट्यूटोरियल सेंटर के बच्चे जिनमें रिया चाड़क, संयोगिता चाड़क, गौरव, नितिश, रिशव, अदिति, अक्षिता, वंशिका, श्रीधर, काव्या, अंबिका, त्रिशना, श्रुति, रूची, रूबी, विशाली, चंदन ने कहा कि 'बजुर्गां का बेह्ड़ा' मनोरंजन का खास जरिया बनरहा है। अपने निजी क्षेत्र में इस तरह के मनोरंजन के जरिये का होना उनके लिए एक सौभाग्य की बात है। पहले हर साल गर्मियों की छुटिटयों, परीक्षाओं के खत्म होने के बाद के दिनों में उनको दूर-दराज शहरों व क्षेत्रों में स्थित मनोरंजन के ठिकानों तक पहुंचने में कई परेशानियां झेलनी पड़ती थी। माता-पिता भी उनको दूर शहरों व क्षेत्रों में इस तरह घूमने के लिए जाने का मौका कम ही देते थे। लेकिन यहां नजदीक में इस तरह के आकर्षक स्थल का होना उनको एक विशेष सौगात देता है। बच्चों का कहना है कि इस आकर्षण के केन्द्र 'बजुर्गां दा बेह्ड़ा' में वह कभी भी और किसी भी वक्त पहुंच कर अपना मनोरंजन कर सकते हैं। ट्यूटोरियल के संचालक बख्तावर सिंह ने भी इस नजदीकी सेवा और मनोरंजन के जरिये को खास करार दिया। दिन व दिन 'बजुर्गां दा बेह्ड़ा' पहल वाटिका की प्रसिद्धता बढ़ रही है और हर दिन यहां बच्चों के मेले लग रहे हैं।



बुजुर्गों के आदर-सम्मान को बनाए रखने के लिए पहल वाटिका स्थल का निर्माण: दीपक अग्रवाल

बुजुर्गां दा बेहडा संचालक समाजसेवी दीपक अग्रवाल के अनुसार उनका यही मकसद था कि समाज के लिए कुछ अलग किया जाए, ताकि उनके किए कार्यों की बदौलत समाज को एक नई दिशा मिले। जिस तरह से आज के दौर में बुजुर्गों का अपने घरों में आदर-सम्मान कम हो रहा है। उस कम होते बुजुर्गों के आदर-सम्मान को बनाए रखने के लिए उन्होंने 'बजुर्गां दा बेह्ड़ा' पहल वाटिका स्थल का निर्माण करवाया। पहल वाटिका स्थल पर पहुंच कर जहां बुजुर्ग सदस्य अपना सम्मान प्राप्त कर रहे हैं, वहीं उनके साथ आने वाले बच्चे भी उनका आदर सम्मान करना सीख रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस मकसद के साथ उन्होंने 'बजुर्गां दा बेह्ड़ा' पहल वाटिका स्थल का निर्माण करवाया है, उसे कामयाब बनाने की कवायद जारी है। भविष्य में भी वह समाज के लिए कुछ ऐसा करने की चाह रखेंगे, जिससे बुजुर्गों तथा परिवारिक सदस्यों के बीच के रिश्ते मजबूत बने रहें।

 बच्चों को लुभा रहे विदेशी पक्षी

'बजुर्गां दा बेह्ड़ा' पहल वाटिका के छोटे से चिडियाघर में रखे गए विदेशी पक्षी स्कूली बच्चों को लुभाने का काम कर रहे हैं। अमेरिका का टर्की, फ्रांस के कबूतर, रूस के सिल्की कॉक, जापान के बटेर, अंगूरा ब्रांड के भारतीय खरगोश सहित अन्य प्रजातियों के पक्षी, बत्तखें तथा हंस आदि बच्चों को आकर्षित कर रहे हैं। इन पक्षियों की प्रजातियों को देखकर बच्चे गदगद हो रहे हैं, और उनके बारे में विस्तृत जानकारियां भी प्राप्त कर रहे हैं।



 

बुधवार, मार्च 21, 2018

द्वापर युग के इतिहास की यादों का प्रतीक नमंदर राधा-कृष्ण मन्दिर

ब्रटिश शासन के समय नमंदर मेले की थी खास पहचान

दीपाक्षर टाइम्स संबाददाता
जम्मू
:  द्वापर युग के दौराण जब कौरव शासन द्वारा पंाड़वों को बारहं वर्ष के बनवास का दंड़ देकर उनको हस्तीनापुर से निकल जाने के आदेश जारी हुए। उस समय पांड़वों द्वारा बनवास के आदेश का पालन करते हुए जगह-जगह अपना समय बिताया। उसी द्वापर युग और बनवास के दौराण पांड़वों ने जम्मू डिविजन के नेशनल हाइवे सपवाल चौक से कुछ दूरी पर बसंतर तट क्षेत्र नमंदर में कुछ पलों के लिए अपने बनवास को विरांम दिया। पांड़वों द्वारा नमंदर स्थल पर बिताए गए कुछ पल द्वापर युग के इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गए। नमंदर स्थल पर पांड़वों द्वारा बिताए गए कुछ समय की यादों को उन्होंने वहां पर एक अस्थायी मंन्दिर के रूप में सर्वजनिक किया। पांड़वों द्वारा बनाए गए अस्थायी मंन्दिर की जानकारी उस समय के स्थानीय लोगों व साधु-संतों को मिली, तो संगत व संत-महात्माऔं के नमंदर में डेरे जमना शुरू हो गए। हर दिन लोग पांड़वों द्वारा बनाए गए मंन्दिर के दर्शनों के लिए वहां पहुंचते, और पूजा पाठ करके अपना निष्ठा भक्ति का सबूत देते रहे। देखते ही देखते इस जगह की प्रसिद्धता के चर्चे जम्मू देश के 18वीं सदी के राजा रणबीर सिंह तक पहुंच गए। सन् 1870 के दशक के एक दिन राजा रणबीर सिंह ने नमंदर क्षेत्र पहुंच कर वहां पर बनाए गए पांड़वों के हस्तनिर्मित मंन्दिर के दर्शनों की योजना बनाई। राजा रणबीर सिंह जब नमंदर क्षेत्र में पहुंचे, तो उन्होंने पाड़व मंन्दिर के दर्शन किए। पांड़व मंन्दिर के दर्शन करने के बाद उनके मन में ऐसा विचार आया कि उन्होंने उस अस्थायी मंन्दिर की जगह भव्य स्थायी मंन्दिर के निर्माण की घौषण कर दी। 1870 के दशक के दौराण ही नमंदर स्थल पर अस्थायी पांड़व मंन्दिर की जगह पर भव्य राधा-कृष्ण मंन्दिर का निर्माण हुआ। 18वीं सदी में हुए इस मंन्दिर के निर्माण के बाद वहां पर हर दिन श्रद्धालुऔं की भीड़ लगने लगी और देश के कोने-कोने से श्रद्धालु नमंदर पहुंचने लगे। राजा रणबीर सिंह द्वारा नमंदर में बनाए गए मन्दिर के कारण इस प्रसिद्ध स्थल को एक नई पहचान मिली। आज भी नमंदर स्थल पर हर साल बैसाखी मेले का राष्ट्रीय स्तर पर आयोजन किया जाता है। नमंदर मेले में देश के हर हिस्से से श्रद्धालु नमंदर पहुंचते हैं, और द्वापर युग के इतिहास की गाथाऔं का ज्ञान प्राप्त करते हैं।

नमंदर मेले की खास पहचान
जिस समय भारत देश ब्रिटिश सम्राज्य की गुलामी की जंजीरों में बंधा हुआ था, उस समय भी नमंदर बैसाखी मेले की एक खास पहचान हुआ करती थी। राज्य जम्मू-कश्मीर भारत से अलग देश था, और इस देश में राजाऔं की हुकूमत चलती थी। नमंदर वार्षिक बैसाखी मेले में जम्मू देश के अलावा भारत, पाकिस्तान के हजारों श्रद्धालु नमंदर बैसाखी मेले में शिरकत करके इसकी रौणक को चार-चांद लगाते थे। नमंदर बैसाखी मेले को खास बनाने के लिए ब्रिटिश शासकों द्वारा कई प्रकार की प्रतियोगिताऔं का आयोजन करवाया जाता था। मेले में भंगडा, मवेशियों के मुकावले और घौडा दौड प्रतियोगिताएं आदि को खास महत्व दिया जाता था। आयोजित की जाने वाली विभिन्न प्रतियोगिताऔं में अपनी प्रतिभा को दर्शाने के लिए हर देश की प्रतिभागी टोलियां मेले में जोश के साथ पहुंचती थीं। भारत देश के प्रत्येक हिस्से तथा पाकिस्तान की प्रसिद्ध जगहें जिनमें लाहौर, सियालकोट, शक्करगढ़ रावलपिंडी आदि से सैकडों प्रतिभागी मेले में अपनी प्रतिभाऔं को दर्शाने के लिए शरीक होते थे। जो प्रतिभागी टोलियां प्रतियोगिताऔं में अव्बल रहती थीं, उनको ब्रिटिश शासकों द्वारा इनाम भी दिए जाते थे। ब्रिटिश शासन के दौराण नमंदर बैसाखी मेले को मिली इस खास पहचान का वाजूद आज भी स्थापित है। हर साल नमंदर बैसाखी मेले परं आज भी कई प्रकार की प्रतियोगिताएं करवाई जाती हैं, जिनमें प्रतिभागी भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं।

रविवार, मार्च 18, 2018

बीएसएनएल का लूट लो ऑफर री-लॉन्च,60 प्रतिशत छूट

लूट लो ऑफर


नई दिल्ली। 
 बीएसएनएल ने अपने लूट लो पोस्टपेड ऑफर को दोबारा लॉन्च किया है। इस प्लान के तहत प्रीमियम पोस्टपेड प्लान्स पर 60 प्रतिशत तक का डिस्काउंट दिया जाएगा।
इस प्लान को कंपनी द्वारा पिछले नवम्बर में पेश किया गया था। आपको बता दें, इस ऑफर का लाभ 6 मार्च 2018 से 31 मार्च 2018 तक ही उठाया जा सकता है।
बीएसएनएल के इस ऑफर के तहत पोस्टपेड प्लान्स पर कंपनी 60 प्रतिशत का डिस्काउंट दे रही है। इसी के साथ फ्री एक्टिवेशन चार्ज और फ्री नई सिम भी दी जा रही है। इस ऑफर का फायदा बीएसएनएल के सभी ग्राहक उठा पाएंगे। यानि की कंपनी के नए और पुराने दोनों ग्राहकों के लिए यह ऑफर वैध है।
इस ऑफर के तहत जो ग्राहक नए कनेक्शन लेंगे, उन्हें सिम एक्टिवेशन शुल्क अदा नहीं करना पड़ेगा। इसी के साथ सिर्फ महंगे नहीं, बल्कि एंट्री-लेवल के पोस्टपेड प्लान्स पर भी यह डिस्काउंट मान्य है।
इनमें 99 और 145 रुपये वाले प्लान भी शामिल हैं।
कंपनी के 1525 रुपए के प्रीमियम पोस्टपेड प्लान में भी 60 प्रतिशत का रेंटल डिस्काउंट दिया जा रहा है। इस प्लान में यूजर्स को अनलिमिटेड वॉयस कालिंग, एसएमएस और डाटा मिलता है। ध्यान रहे, इसका लाभ उठाने के लिए ग्राहकों को 12 महीने का एडवांस रेंटल वाले प्लान का चयन करना होगा। 6 महीने एडवांस रेंटल वाले प्लान्स में 45 प्रतिशत और 3 महीने एडवांस रेंटल वाले प्लान में ग्राहकों को 30 प्रतिशत डिस्काउंट मिलेगा। इसी तरह आप अपने पसंद के प्लान की जानकारी कंपनी आउटलेट से ले सकते हैं।