बुधवार, सितंबर 27, 2017

'दीपाक्षर टाइम्स की कार्टूनिस्ट महक ने जीता प्रतियोगिता का पहला पुरस्कार

पहल के चेयरमैन श्री दीपक अग्रवाल की प्रेरणा से कार्टूनिंग के क्षेत्र में आई: महक शर्मा


दीपाक्षर टाइम्स संवाददाता
जम्मू।
जम्मू विश्वविद्यालय में आयोजित डिस्प्ले योर टेलेंट में विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं जिसमें ड्राइंग व कार्टूनिंग प्रतियोगिता में फिजिक्स की महक शर्मा ने बाजी मारते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। डिस्प्लें योर टेलेंट प्रतियोगिता में महक पिछले तीन वर्षों से हिस्सा ले रही हैं और पिछले वर्ष भी इन्होंने दूसरा स्थान हासिल किया था। इस प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के अलावा इंजीनियरिंग आदि इंस्टीटय़ूट के विद्यार्थी भी भाग लेते हैं। डिपार्टमेंट आफ स्टूडेंट वेलफेयर यूनीवर्सिटी आफ जम्मू द्वारा आयोजित डिस्पले योर टेलेंट 2017-18 के छठे दिन स्केचिंग, कार्टूनिंग, निबंध लेखन और लघुकथा लेखन की प्रतियोगिताएं हुईं। कार्यक्रम में प्रो. ध्यान सिंह बाहु के लिए दो मिनट का मौन भी रखा गया।
कार्टूनिंग प्रतियोगिता के लिए जो विषय दिए गए थे, उनमें ट्रैफिक जाम, जीएसटी और पेट्रोलियम पदार्थों में मूल्य वृद्धि शामिल थे। इसमें जम्मू यूनिवर्सिटी की फिजिक्स्ट डिपार्टमेंट की महक शर्मा, प्रथम, जीडीसी अखनूर की प्रियंका द्वितीय और डोगरा लॉ कालेज के रिषब वैद को तृतीय स्थान मिला। डा. सुनीता गुप्ता इस इवेंट की इंचार्ज थीं जबकि मनोज चोपड़ा, चंद्र शेखर व कुलदीप राज जज थे जबकि इस कार्यक्रम में सुमीत शर्मा, अंजलि शर्मा, नम्रता चिब, सुहेल अहमद, सुविधा खजूरिया, सोनिका, रमणीक, आरती देवी और दिव्या शर्मा ने सहयोगात्मक भूमिका निभाई।
उल्लेखनीय है कि करीब दो वर्ष पहले एक प्रतिभा खोज कार्यक्रम में सामाजिक संस्था 'पहल के चेयरमैन दीपक अग्रवाल ने महक की प्रतिभा को पहचाना और हिंदी समाचार पत्र 'दीपाक्षर टाइम्स के लिए कार्टून बनाने के लिए अनुबंधित कर लिया। महक तभी से दीपाक्षर टाइम्स के लिए कार्टून बनाती आ रही हैं। दीपाक्षर टाइम्स में छपे उनके कार्टूनों पर पत्रकारिता जगत में काफी सराहना भी मिली है। श्री दीपक अग्रवाल ने इस उपलब्धि पर महक को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।
बातचीत में महक ने बताया कि उन्हें बचपन से पेंटिंग और ड्राइंग का शौक था। सामाजिक संस्था पहल के चेयरमैन श्री दीपक अग्रवाल की प्रेरणा से वे कार्टूनिंग के क्षेत्र में आ गईं।

आतंकी 700 हों या 7 हजार, घुसपैठ करेंगे तो मारे जाएंगे- हंसराज अहीर

नई दिल्ली।
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री हंसराज अहीर ने पाकिस्तान की तरफ से लॉन्चिंग पैड पर आतंकियों को इकठ्ठा किए जाने के सवाल पर कहा कि आतंकी कितनी भी संख्या में सीमा के उस पार से घुसपैठ करें उनको सीमा पर ही ढेर कर दिया जाएगा। हंसराज अहीर ने कहा कि 700 आतंकी आएं 7000 आतंकी, एक भी अगर भारत के अंदर घुसपैठ करेंगे तो वह बच नहीं पाएंगे।
यही नहीं गृह राज्य मंत्री ने यह भी कहा कि आर्मी और दूसरी सुरक्षा एजेंसियों को पूरी छूट है कि वो आतंकियो को खत्म करने के लिए कोई भी ऑपरेशन कर सकती हैं। जरूरत पड़े तो सर्जिकल स्ट्राइक भी कर सकती हैं। अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान को भारत ने जिस तरीके से अलग-अलग मंच से पटखनी दी है इसलिए वह अब बौखलाहट में आतंक का सहारा ले रहा है।
आपको बता दें कि सर्जिकल स्ट्राइक के एक साल पूरे होने वाले हैं। ऐसे में पाकिस्तान बौखलाहट में भारत में आतंकी घटना को अंजाम देने के लिए आतंकियो की घुसपैठ कराने की फिराक में है। मिली ख़ुफिय़ा रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि सीमापार अलग-अलग लॉन्चिंग पैड पर 759 आतंकी पाक अधिकृत कश्मीर (क्कह्र्य) मौजूद हैं। वहीं ख़ुफिय़ा सूत्रों से यह भी जानकारी मिली है कि केरन, तगंधार और नौगांव में पाकिस्तान की एसएसजी के साथ बैट (क्च्रञ्ज) यानी पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम भी इन लॉन्चिंग पैड पर आतंकियों के साथ मौजूद है। जो घात लगाकर सुरक्षा बलों पर हमला कर सकते हैं।
कश्मीर से लेकर यूएन तक दुनिया के हर मंच पर नाकाम हुआ पाकिस्तान फिर से भारत में आतंक फैलाने की साजिश में जुट गया है। खुफिया एजेंसियो को मिली पुख्ता जानकारी के मुताबिक पीओके में पाकिस्तानी सेना की सरपरस्ती में फिर से बने लांचिग पैड पर आतंकियों की एक बड़ी संख्या घुसपैठ कर तबाही मचाने की फिराक में है। पाकिस्तानी फौज इन आतंकियों को हिंदुस्तान में घुसपैठ कराने में जुटी है। उरी में सुरक्षा बलों ने चार आतंकियों को मार मुठभेड़ में मार गिराया था लेकिन यह आतंकियों की उस खेप का एक छोटा सा हिस्सा है जो उरी सेक्टर में सीमापार से हिंदुस्तान में घुसने की फिराक में हैं।
खुफिया एजेंसियों को मिली जानकारी के मुताबिक उरी सेक्टर में सीमा के उस पार सबसे ज्यादा 112 आतंकी लॉन्चिंग पैड पर है। गुरेज सेक्टर में 52 आतंकी सीमा के उस पार पाक सेना की सरपरस्ती में अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। माछिल में बॉर्डर के उस पार 89 आतंकियों के लॉन्चिंग पैड पर होने की जानकारी है। केरन में 91 आतंकियों के साथ पाकिस्तान की कुख्यात बैट और एसएसजी के फौजी भी मौजूद हैं। तंगधार में 20 आतंकियों के साथ में बैट और एसएसजी के लॉन्चिंग पैड पर होने की पुख्ता जानकारी है। नौगांम में 45 आतंकी और बैट और एससजी के लोग अत्याधुनिक हथियारों के साथ बने हुए हैं।
इसके अलावा दूसरे हिस्सों में पाकिस्तानी सेना ने लॉन्चिंग पैड पर आतकियों की एक बड़ी तादाद को भारत में घुसाने के लिए तैयार रखा हुआ है। बर्फ गिरने से पहले घुसपैठ कराने और कश्मीर में आतंक फैलाने की इस नापाक साजिश में पीओके में कई पैड पर आतंकियों का जमावड़ा है। रामपुर सेक्टर के उस पार 32 आतंकी लॉन्चिंग पैड पर मौजूद हैं।
पूंछ के बॉर्डर पार 78 आतंकी की मौजूदगी की जानकारी है। भिम्बर गली के पीओके एरिया में  58 आतंकी मौजूद हैं। कृष्णा घाटी के पीओके एरिया में  57 आतंकियों के होने की पुख्ता खबर है। इसके अलावा राजौरी के सीमापार के इलाके में 5, नौशेरा के दूसरी तरफ 35 और सुंदरबनी के दूसरी ओर 15 आतंकियों के लॉन्चिंग पैड पर होने की जानकारी खुफिया एजेंसियों को मिली है।
पाकिस्तान की पूरी कोशिश है कि एक के बाद एक एनकाउंटर में मारे जाने के बाद कश्मीरी आतंकियों के टूटे हुए इरादों को फिर से अपनी नापाक साजिश के साथ खड़ा कर सके। भारतीय सुरक्षा बलों की मुस्तैदी ने हाल के दिनों में इन लाचिंग पैड से होने वाली घुसपैठ को लगातार नाकाम किया है। पाकिस्तानी सेना की कवर फायर के बावजूद आतंकियों को भारतीय सीमा में अंदर घुसने की जगह नहीं मिली है। आतंकियों को सुरक्षा बलों ने या तो सीमा पर ही मार गिराया है या फिर अंदर आते ही उनको ठिकाने लगा दिया है। सूत्रों के मुताबिक टैरर फंडिंग को रोकने में मिली सफलता और कश्मीर में आतंकी सरगनाओं के सफाए से पाकिस्तानी आतंकी आकाओं में बौखलाहट है। इसी के चलते इतने लॉन्चिंग पैड्स को एक्टिव कर एक बार फिर से पाकिस्तान कश्मीर में आतंक की फसल बोने की कोशिश मे जुट गया है।

जम्मू की उम्मीदों पर फिर नाकाम साबित हुई भाजपा

नहीं घोषित हुआ महाराजा हरि सिंह के जन्म दिवस पर सरकारी अवकाश
दीपाक्षर टाइम्स संवाददाता
जम्मू।
 
जम्मू-कश्मीर राज्य के आखिरी शासक महाराजा हरि सिंह के जन्मदिवस पर सरकारी अवकाश को लेकर लचर रुख अपनाने के कारण भारतीय जनता पार्टी जम्मू संभाग के लोगों की उम्मीदों पर एक बार फिर खरा नहीं उतर सकी और 23 सितंबर को सरकारी अवकाश घोषित नहीं हो सका। राज्य जम्मू-कश्मीर का देश में विलय करने का एतिहासिक फैसला लेने वाले महाराजा हरि सिंह के जन्मदिन पर सरकारी छुट्टी घोषित करने की जम्मू की मांग पर कश्मीर केंद्रित राजनीति भारी पड़ी। जम्मू में महाराजा का जन्मदिन तो मनाया जा रहा है, लेकिन सरकारी छुट्टी नहीं हुई।
पीडीपी के दबाव में आकर भाजपा के नेताओं की इस मामले में चुप्पी को जम्मू की जनता अपने साथ विश्वासघात के रूप में देख रही है। जम्मू संभाग में भाजपा को पूर्ण बहुमत से जिताने के बाद संभाग की जनता को उम्मीदें थीं कि अब जम्मू को कश्मीर के आगे हर बार मुंह की नहीं खानी पड़ेगी, लेकिन हर बार की तरह इस बार भी जम्मू संभाग की जनता की उम्मीदों पर पानी फिर गया और स्थानीय भाजपा नेता उसकी उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके।  कश्मीर केंद्रित पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी ने सहयोगी भाजपा की मांग मानने के बजाए कश्मीर में अपने वोट बैंक को अधिक महत्व देकर 23 सितंबर को जम्मू में छुट्टी करने के मुद्दे को नकार दिया है।
शुक्रवार रात तक उम्मीद की जा रही थी कि इस संबंध में फैसला हो सकता है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उल्लेखनीय है कि राज्य में महाराजा के खिलाफ विद्रोह करते हुए मारे गए कश्मीर के निवासियों की याद में 13 जुलाई को शहीद दिवस मनाया जाता है। ऐसे में महाराजा के जन्मदिन के नाम पर अवकाश घोषित करने से कश्मीर में पीडीपी को अपना जनाधार खोना पड़ता। महाराजा के जन्मदिन पर छुट्टी के मुद्दे पर दोनों सत्ताधारी पार्टियों के हित टकराए व पीडीपी हावी रही।
उपमुख्यमंत्री डॉ. निर्मल सिंह ने न सिर्फ इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से अलग से बैठक की थी, बल्कि पत्र लिखकर भी आग्रह किया था कि महाराजा ने राज्य के इतिहास में अहम भूमिका है। ऐसे में उनके जन्मदिन की छुट्टी घोषित कर लोगों की आकांक्षाओं को पूरा किया जाए।
छुट्टी न होने से अब भाजपा अंदर ही अंदर सुलग रही है। पीडीपी के छुट्टी न करने के फैसले का प्रभाव आधार क्षेत्र जम्मू में पडऩा लाजिमी है और पार्टी को विपक्ष के साथ कुछ सामाजिक, व्यापारिक संगठनों के गुस्से को भी झेलना पड़ सकता है। यह सब उस समय हुआ है, जब मुख्यमंत्री खुद भी जम्मू में मौजूद थींं।
भाजपा के एक वरिष्ठ मंत्री ने का कहना है कि पार्टी स्तर पर पूरी कोशिश की गई कि छुट्टी हो जाए, लेकिन सहयोगी पार्टी ने इस मामले में चुप्पी साधे रखी। उन्होंने माना कि सहयोगी पार्टी के इस फैसले से पार्टी में रोष है। भाजपा के नेताओं का कहना है कि वे अब अपने इलाकों में जनता के सामने क्या मुंह लेकर जाएं? उल्लेखनीय है कि जम्मू आधारित सभी राजनीतिक, सामाजिक संगठन पिछले कई दिनों से महाराजा के जन्मदिवस पर अवकाश घोषित करने की मांग को लेकर आंदोलनरत थे। 18 सितंबर को चेंबर के जम्मू बंद में भी इस मांग को शामिल किया गया था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। अब देखना है कि जम्मू की जनता और भाजपा के स्थानीय नेता अपनी मांग पूरी न होने पर क्या फैसला करते हैं और आगे क्या रणनीति बनाते हैं?

हनीप्रीत ने खाई थी गुरमीत राम रहीम को बर्बाद करने की कसम!


चंडीगढ़।
डेरा प्रमुख राम रहीम की गोद ली बेटी हनीप्रीत को लेकर रोज नए खुलासे हो रहे हैं। हालांकि इस पर सवाल उठाए जा रहे हैं और इसे हनीप्रीत के प्रति सहानुभूति पैदा करने या उसे पीडि़त की तरह दिखाने की कोशिश भी माना जा रहा है। अब कहा जा रहा है कि हनीप्रीत ने गुरमीत राम रहीम द्वारा शोषण के बाद उसे तबाह  करने की कसम खाई थी। दूसरी ओर, हनीप्रीत को आत्मसमर्पण करने की सलाह दे चुकी हरियाणा पुलिस अब उसे भगोड़ा घोषित करने की तैयारी में है।
गुरमीत राम रहीम का ड्राइवर रहे खट्टा सिंह के बेटे गुरदास का कहना है कि हनीप्रीत डेरा प्रमुख को तबाह करने की नीयत से ही उसके साथ रह रही थी। हनीप्रीत का पूर्व पति विश्वास गुप्ता हालांकि उसे गुरमीत की लवर मानता है, लेकिन गुरदास के मुताबिक सच्चाई कुछ और है।
एक निजी टीवी चैनल के अनुसार, गुरदास का कहना है कि गुरमीत ने हनीप्रीत पर बुरी नजर डाली थी। उसने हनीप्रीत की शादी करवाई और शादी के फौरन बाद रात में उसको अपनी गुफा में बुला लिया। गुरदास का कहना है कि वह उस रात गुफा के बाहर ड्यूटी पर तैनात था। अगली सुबह हनीप्रीत बाबा की गुफा से रोती हुई बाहर निकली थी।
टीवी चैनल के मुताबिक, गुरदास ने बताया, उन दिनों हनीप्रीत के दादा डेरे के खजांची हुआ करते थे। गुफा से निकलने के बाद हनीप्रीत सीधे दादा के पास गई। हनीप्रीत की हालत देख कर तब उसके दादा ने डेरे में काफी हंगामा किया और गुरमीत के खिलाफ खुल कर बोलने लगे, लेकिन उन्हें तब हथियारों के दम पर चुप करा दिया गया।
बताया जाता है कि इसके बाद हनीप्रीत डेरा छोड़ कर अपने घर फतेहाबाद के लिए निकल गई। लेकिन हनीप्रीत का पीछा किया गया और हथियारों के दम पर उसे रास्ते में ही एक ढाबे से उठा कर डेरे पर वापस ले आया गया। बताया जाता है कि यही वह दिन था, जब हनीप्रीत ने कसम खाई कि वह गुरमीत को बर्बाद करके छोड़ेगी।
गुरदास को अब लगता है कि गुरमीत की इस तबाही के पीछे शायद हनीप्रीत की वह कसम ही है। हनीप्रीत ने ही गुरमीत को फिल्मों का चस्का लगाया। हनीप्रीत के कहने पर ही गुरमीत डिजाइनर बाबा बना और इसके बाद उसके बर्बादी की कहानी शुरू हो गई।

छात्र संघ चुनाव के रूप में जम्मू यूनीवर्सिटी में जुड़ा एक और अध्याय

लॉ स्कूल में गहमागहमी के बीच 
अभिषेक कैथ ने मारी बाजी

दीपाक्षर टाइम्स संवाददाता
जम्मू।
 
जम्मू विश्वविद्यालय छात्र संघ के चुनाव होने के साथ ही एक अध्याय जुड़ गया है। असल में जम्मू यूनिवर्सिटी में पहली बार छात्र संघ के चुनाव करवाए गए हैं। पहले चरण में सोमवार को विवि परिसर में मतदान करवाया गया। यह मतदान सीआर और डीआर पद के लिए था। छात्रों ने इसमें बढ़ चढकऱ भाग लिया। कुल 40 विभागों के लिए चुनाव करवाया गया। छात्रों का उत्साह इसी बात से देखते हुए बनता है कि 95 प्रत्याशी किस्मत अजमाने चुनावी चुनावी मैदान में उतरे। पिछले दिनों लॉ स्कूल में चुनावी पोस्टर फाडऩे के विवाद ने माहौल को गरमा दिया था और ये चुनाव एकदम से चर्चा का विषय बन गए थे। लॉ स्कूल के लिए अभिषेक कैथ ने प्रबल प्रतिद्वंद्वी उर्वशी रैना को शिकस्त देते हुए १७६ मत हासिल किए जबकि उर्वशी केवल ११४ मत ही प्राप्त कर सकी। अपनी जीत के बाद अभिषेक ने सभी छात्रों का आभार प्रकट किया और कहा कि जिस विश्वास के साथ उन्हें मत देकर जिताया है, वे छात्रों को निराश नहीं करेंगे और उनकी हर उम्मीदों पर खरा उतरेंगे।
वहीं विवि ने भी उम्मीदवारों के लिए अलग से किसी तरह के भी आब्जर्वर की व्यवस्था नहीं की थी बल्कि उन्हीं को आब्जर्वर बना दिया गया।
दोपहर दो बजे तक मतदान हुआ और उसके बाद ब्रेक दी गई और काउंटिंग भी शुरू हो गई और परिणाम भी घोषित कर दिए गए। जम्मू यूनिवर्सिटी में जीत की खुशी का जश्र मनाने के लिए छात्रों ने डांस किया और जीते हुए उम्मीदवारों की रैली भी निकाली। चुनावों में पुलिस भी व्यवस्था भी रही। बिना आईकार्ड के किसी भी छात्र को आने की अनुमति नहीं दी गई।
यह हैं जीते हुए उम्मीदवार
इलेक्टानिक्स विभाग: सीआर आयुष
संस्कृत विभाग: सीआर रमणीक और डीआर राहुल शर्मा
रूरल डेवलपमेंट: सीआर सनी परिहार
मनेाविज्ञान विभाग: सीआर रोशन हांडा
राजनीति विज्ञान विभाग: सीआर साजिद और डीआर भवानी सिंह
कामर्स :सीआर अनिता ठाकुर
लॉ कालेज: सीआर अभिनंदन और डीआर अरूण प्रभात
अर्थशास्त्री: सीआर रंजीत सिंह
डोगरी: सीआर नरेन्द्र सिंह
बुद्धिस्ट स्टडीज :सीआर जुल्फिकार
एमबीए: सीआर निखिल
इंगलिश: सीआर अविनाश
जियोग्राफी: सीआर गुरलीन
इतिहास : सीआर उमर
लॉ स्कूल: डीआर अभिषेक कैथ