शुक्रवार, नवंबर 03, 2017

कर्नाटक में बोले पीएम मोदी- हम रहें या न रहें, नहीं होने देंगे देश को बर्बाद

बेंगलुरु।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने एक दिवसीय दौरे पर कर्नाटक पहुंचे पर सबसे पहले धर्मस्थाला में स्थित हरि मंजूनाथ स्वामी मंदिर के दर्शन किए। मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद मोदी उजीर में जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि आप सबके दर्शन हुए। श्री क्षेत्र धर्मस्थल ग्रामीण विकास परियोजना में लाभार्थियों को रुपे कार्ड बांटे। डॉक्टर वीरेन्द्र हेगड़े का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि उन्होंने वन लाइफ वन मिशन में अपने आप को समर्पित किया। उनका सम्मान करने के लिए मैं व्यक्ति के तौर पर बहुत छोटा हूं लेकिन सवा सौ करोड़ देशवासियों के प्रतिनिधि के रूप में, जिस पद पर आपने बैठाया उस पद की गरिमा के कारण मैं यह कर सकता हूं। जिस लक्ष्य को जीवन में तय किया उस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए क्या करना चाहिए यह वीरेन्द्र हेगड़े के जीवन से सीखना चाहिए। हेगड़े ने कहा था कि 50 साल पूरे हुए इसका सम्मान नहीं है आप तो मुझसे इसकी गारंटी मांग रहे हो कि मैं अगले 50 साल तक ऐसे ही काम करूं। जीवन में प्रतिपल काम के प्रति ईमानदार होना हेगड़े जी से सीखना चाहिए।
मोदी के संबोधन के प्रमुख अंश
नोटबंदी के बाद अब भारत में शुरू हुआ डिजिटल करेंसी का दौर।
भारत एक युवा राष्ट्र है और हमें इस युवा शक्ति का लाभ उठाना चाहिए।
12 लाख लोग अपना कार्यभार कैशलेस ट्रांजेक्शन से करेंगे। 12 लाख लोगों ने कैशलेस लेनदेन का संकल्प लिया है।
हम रहें या न रहें, देश को बर्बाद नहीं होने देंगे। हमने अपने लिए जीना ही नहीं सीखा।
यूरिया इस्तेमाल हमें 50 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखना चाहिए। अल्पावधि लाभ के बारे में नहीं सोचना चाहिए। हमें यूरिया के उपयोग को कम करने की जरूरत है। बता दें कि इस प्रोजेक्ट की आधारशीला 1996 में रखी गई थी लेकिन फंड की कमी के चलते इसका काम लटक गया था। देरी के चलते 370 करोड़ के प्रोजेक्ट की लागत बढ़कर 1,542 करोड़ हो गई।

बुधवार, नवंबर 01, 2017

महबूबा ने बारामूला का दौरा कर जन समस्या निवारण शिविर आयोजित किए

श्रीनगर।
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने  बारामूला का दौरा कर जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किया जिसमें जिले के पहाडी तथा दूर दराज़ के क्षेत्रों के प्रतिनिधिमंडलों तथा अल्पसंख्यक लोगों ने मुख्यमंत्री को अपनी समस्याओं से अवगत करवाया।
तकनीकी शिक्षा, युवा सेवा एवं खेल मंत्री मौलवी इमरान रजा अंसारी, विधायक जावेद हुसैन बेग, मोहम्मद अब्बास वानी तथा जावर दिलावर मीर इस अवसर पर उपस्थित थे। प्रतिनिधिमंडलों ने क्षेत्र में आकर समस्याओं एवं मांगों  को सुनने के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया।
 ग्रेटर बारामूला फोरम के एक प्रतिनिधिमंडल ने कस्बे की नगर पालिका सीमितों के विस्तार, युवा होस्टल के निर्माण सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, ठोस कचरा प्रबंधन के अतिरिक्त फुटबाल एकेडमी अशकूरा के कार्य में तेजी लाने की मांग की।
नगर समाज सदस्यों के अन्य प्रतिनिधिमंडल ने बारामूला मेडिकल कालेज के कार्य में तेजी लाने, कस्बे के केन्द्र में पार्किंग स्लाट तथा आराम कक्षों के निर्माण की मांग की। उन्होंने कस्बों के जेहलम के किनारों के सौंर्दयीकरण, पार्कों के रखरखाव, सकुर्लर सड़कों के निर्माण तथा यातायात के भारी भीड का कम करने हेतु सड़कों की चौडाई की मांग भी की।
बारामूला कालेज एलुमनी एसोसिएशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने कश्मीर विश्वविद्यालय के नार्थ केम्पस बनाने के लिए एक विशेष पैकेज की मांग की। उन्होंने बारामूला डिग्री कालेज को स्वयत्ता स्टेटस के अनुदान की मांग भी की। प्रतिनिधिमंडल ने उडी में भू विज्ञानों के लिए एक कालेज स्थापित करने की मांग भी की।
 ओल्ड टाउन बारामूला के स्थानीय लोगों के एक प्रतिनिधिमंडल ने बाग-ए-इस्लाम में स्वास्थ्य केन्द्र को 24 घंटे क्रियशील बनाने हेतु एक आवास कालोनी बनाने के अतिरिक्त प्रमुख कस्बे मे समुदायिक केन्द्रों के निर्माण की मांग की। उन्होंने कस्बे में बिजली की तारों के सुधार, पुराने कस्बे में ड्रग डी एडीक्शन, बाढ वाले नालो की साफ सफाई की मांग भी की।  रफियाबाद से कई प्रतिनिधिमंडलों ने अच्छाबल में एक स्वास्थ्य केन्द्र तथा खेल का मैदान बनाने के अतिरिक्त क्षेत्र मे सड़कों की चौडाई की मांग की। उन्होंने ढांगीवाची मेडिकल ब्लाक के लिए एक एम्बूलेंस तथा बेहरामपोरा में एक कोल्ड स्टोर स्थापित करने  की मांग भी की। उन्होंने वाटरगाम, हादीपोरा, अच्छाबल तथा नोपोरा में ग्रिड स्टेशनों की वृद्धि के अतिरिक्त कितरदाजी तथा बोसिया को राज्य के पर्यटक मानचित्र पर लाने की मांग भी की।
सोपोर से छात्राओं के प्रतिनिधिमंडल ने स्थानीय पुस्तकालय के स्तर को बढाने, क्षेत्र के लिए स्कूटी योजना के विस्तार, कस्बे के युवाओं के लिए प्रतियोगिता परीक्षाओं हेतु खेल सुविधा तथा कोचिंग कैम्प की मांग की। मांगों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने सोपोर पुस्कालय के लिए पुस्तकें खरीदने के लिए 10 लाख रु की राशि जारी करने तथा इंडोर स्टेडियम के निर्माण हेतु संभावनाओं को बढ़ाने के निर्देश दिये। शहर के अन्य प्रतिनिधिमंडल ने एक नर्सिंग कालेज स्थापित करने, पेयजल सुविधा में वृद्धि लाने तथा ठोस कचरा प्रबंधन की मांग की। दूसरे प्रतिनिधिमंडल ने कस्बे में शैक्षिक ढांचे को मजबूत बनाने की मांग की।
महबूबा मुफ्ती ने खेल स्टेडियम के निर्माण के लिए भूमि की पहचान करने, लडके तथा लडकियों के कालेजों के लिए 2 बसें घोषित करने तथा उपलब्ध स्थल पर सार्वजानिक पार्क के विकास के निर्देश दिये।
बोनियार के प्रतिनिधिमंडलों ने त्रिकंजन में एक जेके बैंक शाखा स्थापित करने, बेला से गबेवार तक सड़क के विकास के अतिरिक्त एक तहसील सामाजिक कल्याण कार्यालय स्थापित करने की मांग की। उन्होंने बोनियार में एक दमकल स्टेशन, नौशहरा में जेहलम दरिया पर पैदल पुल के निर्माण, नौशहरा में जेके बैंक शाखा की बहाली तथा क्षेत्र के लिए सिंचाई सुविधाओं की मांग भी की।
गुरूद्व़ारा प्रबंधक समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने सिख समुदाय से सम्बंधित उम्मीदवारों के लिए रोजगार में एक विशेष अनुमति तथा गुरूद्वारा चटटी पादशाही बारामूला तक सड़क पर तारकोल बिछाने की मांग की।
बलाइंड स्कूल कानीसपोरा से छात्रों के समूह ने अधिक से अधिक सुविधाओं की मांग की । मुख्यमंत्री ने उपायुक्त को इस स्कूल के  अपने भवन के निर्माण के मामले को आगे बढाने के निर्देश दिये।
पटन के कई प्रतिनिधिमंडलों ने ट्रामा अस्पताल के कार्य को पूरा करने,लगातार बढती यातायात के भार को कम करने के लिए कदम उठाने, एक विशेष इंजीनियरिंग सब डिविजन के सृजन, अगलार वुसन जलापूर्ति योजना को पूरा करने की मांग की।
तिलगाम, तापर, वानीगाम,नेहलपोरा, बुरान तथा सिरपोरा क्षेत्रों के प्रतिनिधिमंडलों ने क्षेत्र में फलोद्यानों के लिए नई सिचंाई सुविधाओं के अलावा तीलगाम रिसीविंग स्टेशन की वृद्धि तथा स्थानीय हाई स्कूल को एक हायर सैकेडरी स्कूल बनाने की मांग की। टंगमर्ग के प्रतिनिधिमंडल ने फिरोजपोरा नाले पर सुरक्षा बांधों के अतिरिक्त क्षेत्र में ऊर्जा ढांचे को मजबूत बनाने तथा एक महिला कालेज स्थापित करने की मांग की। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में ऊर्जा ढांचे को मजबूत बनाने हेतु 15 लाख रु की राशि जारी करने के निर्देश दिये।
करीरी के प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के सभी क्षेत्रों के विकास हेतु उनके प्रयासों के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने मुख्यमंत्री को अपने क्षेत्र के दौरे हेतु आमंत्रित किया।अपर कंडी, संग्रामा के अन्य प्रतिनिधिमंडल ने पीएचसी दूधबग को मजबूत बनाने तथा सुलतानपोरा में स्कूल के स्तर को बढ़ाने के अतिरिक्त बंगी बाला में एक खेल के मैदान के निर्माण की मांग की।
 कमलकोट, उडी, संग्रामा, जेहानपोर, तुजरशरीफ, नौशहरा, नरवाव तथा अन्य क्षेत्रों के अन्य प्रतिनिधिमंडलों ने मुख्यमंत्री से भेंटकर उन्हें अपनी मांगों से अवगत करवाया तथा उनका समाधान करने की मांग की। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडलों की मांगों को सुना तथा उन्होंने इनका समाधान करने का आश्वासन दिया। कई मामलों में महबूबा मुफ्ती ने प्रतिनिधिमंडलों द्वारा उठाई गई समस्याओं का समाधान करने के लिए तत्काल निर्देश दिये। मुख्यमंत्री अपने दौरे के दौरान सोपोर का दौरा कर जेके बैंक की एक करंसी चेस्ट का उद्घाटन करेंगी तथा लोगों से मिलकर उनकी समस्याओं को सुनेंगी।मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव रोहित कंसल, मुख्यमंत्री सचिवालय एवं योजना विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न विभागों के प्रमुख, कई इंजीनियरिंग विंग के मुख्य, उपायुक्त, डॉ नसीर नकाश, एसएसपी इम्ति हुसैन तथा जिला प्रशासन के अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।


 

अल्ताफ बुखारी ने बोर्ड परीक्षाओं को सुचारू रूप से आयोजित करने पर बल दिया

श्रीनगर।
शिक्षा मंत्री सईद अल्ताफ अहमद बुखारी ने शनिवार को अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर कश्मीर तथा जम्मू के विंटर ज़ोन के छात्रों के लिए आने वाली बोर्ड परीक्षाओं को परेशानी मुक्त आयोजित करने हेतु रूपरेखाओं पर चर्चा की।
मंडलायुक्त कश्मीर बसीर अहमद खान, स्कूली शिक्षा सचिव फारूक अहमद शाह, डीसी श्रीनगर सईद आविद रशीद शाह, स्कूली शिक्षा निदेशक कश्मीर डॉ जी एन इत्तू, बोस के चेयरपर्सन वीना पंडिता, पुलिस अधिकारी तथा अन्य सम्बंधित अधिकारी बैठक में उपस्थित थे। मंडलायुक्त जम्मू डॉ मंदीप के भंडारी तथा विभिन्न जिलों के जिला विकासायुक्तों ने भी विडियो कान्फ्रैंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लिया।
 मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे अनुशासित तरीके से परेशानी मुक्त परीक्षाएं सुनिश्चित करें और उन्होंने पुलिस अधिकारियों से परीक्षा के दौरान कानून एवं व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देने हेतु परीक्षा केन्द्रों के पास पुलिस कर्मियों को तैनात करने को कहा।
बुखारी ने जिला विकासायुक्तों को परीक्षाओं को सुचारू रूप से आयोजित करने हेतु निगरानी टीमें गठित करने के निर्देश दिये तथा उन्हें परीक्षा के दिनों में सभी परीक्षा केन्द्रों के आस पास दफा 144 लगाने के लिए भी कहा।
मंत्री ने बोस को निर्देश दिये कि छात्रों को रोल नम्बर स्लीप दी जाये और उन्होंने उन्हें परीक्षाओं से सम्बंधित मुद्दों तथा शिकायतों का निवारण करने के लिए भी कहा। इस सम्बंध मे जेके बोस ने शिकायतों के निवारण हेतु हैल्पलाईन सैंटर स्थापित किया है। छात्र परीक्षा सम्बंधी सूचना के लिए 0194-2494965, 0194-2494985, 0194-2495310 तथा 2491179 पर सम्पर्क कर सकते है।

'लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के जयंती समारोह में बोले मोदी

अगर कश्मीर मुद्दा सरदार पटेल के जिम्मे सौंपा गया होता तो अब कोई विवाद ना रह गया होता
जम्मू। 
देश भर में 'लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती मंगलवार को मनाई गई। इस मौके पर जम्मू सहित देशभर में केंद्र सरकार की ओर से रन फॉर यूनिटी का आयोजन किया गया जिसे दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरी झंडी दिखाई। साथ ही अपने संबोधन में कहा कि युवा पीढ़ी को सरदार पटेल के योगदान को भूलना नहीं चाहिए।
वैसे तो सरदार पटेल कांग्रेस के नेता थे, उस जमाने में जवाहर लाल नेहरू, महात्मा गांधी के साथ आजादी दिलवाने में उनकी भूमिका काफी अहम थी। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में नरेंद्र मोदी ने पटेल को लेकर इस तरह माहौल बनाया है कि मानो वह भारतीय जनता पार्टी के नेता ही रहे हों। मोदी लगातार कहते हैं कि महापुरुष किसी पार्टी के नहीं होते हैं, वो देश के होते हैं।
मोदी का 'सरदार प्रेमÓ देश के सामने जब उजागर हुआ, जब उन्होंने 2013 में सरदार साहब की सबसे ऊंची मूर्ति 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटीÓ के लिए देशभर के किसानों से लोहा मांगना शुरू किया। उस समय मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे और राष्ट्रीय राजनीति में अपने आप को पेश करने की कोशिश कर रहे थे। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का काम चल रहा है और जल्द ही पूरा भी होने वाला है।
इसके बाद जब मोदी प्रधानमंत्री बने, तो उन्होंने रन फॉर यूनिटी की शुरुआत की। और इस दिन को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत की। इसके अलावा अभी हाल ही में गुजरात में मोदी ने सरदार सरोवर बांध का उद्घाटन किया। मोदी ने कहा कि इस डैम का सपना सरदार साहब ने ही देखा था, जिसे आज हम पूरा कर रहे हैं। मोदी ने इसको लेकर लगातार कांग्रेस पर निशाना साधा है। मोदी कहते हैं कि कांग्रेस ने सरदार साहब के योगदान को भुलाने की कोशिश की। मोदी कई मौकों पर कह चुके हैं कि अगर सरदार पटेल देश के पहले प्रधानमंत्री होते तो शायद देश की तस्वीर अलग होती। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरह पिछले कुछ समय में महात्मा गांधी और सरदार पटेल को लेकर माहौल बनाया है उस पर कांग्रेस भी उनपर निशाना साधती आई है। पीएम मोदी ने लगातार आरोप लगाया है कि कांग्रेस पार्टी ने इतिहास से सरदार पटेल के नाम को मिटाने की कोशिश की। देश की युवा पीढ़ी को उनके बारे में कुछ बताया नहीं गया। सरदार पटेल ने साम-दाम-दंड-भेद, कूटनीति और रणनीति के जरिये देश को एक सूत्र में बांधा। सरदार पटेल को हमारी देश की युवा पीढ़ी से परिचित नहीं कराया, इतिहास के झरोखे से इस महापुरुष के नाम को मिटाने की कोशिश की गई।
सरदार पटेल को आक्रामक नेता माना जाता था, उन्होंने पूरे देश को एक सूत्र में पिरोने का काम किया। इसके लिए उन्होंने रजवाड़ों, नवाबों को समझाया और जो प्यार से नहीं समझें उन्हें सख्ती से भी पाठ पढ़ाया। सरदार पटेल गुजरात से आते हैं, इसलिए मोदी गुजराती अस्मिता को साथ जोड़ते हुए अपना नाम लगातार उनके साथ जोड़ते हैं।
पीएम मोदी ने कई बार कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा है कि अगर कश्मीर मुद्दा भी सरदार पटेल के जिम्मे सौंपा गया होता तो अब कोई विवाद ना रह गया होता। कुछ दिनों में गुजरात में चुनाव भी हैं, उम्मीद की जा सकती है कि गुजराती अस्मिता का मुद्दा अभी प्रचार के दौरान और भी जोर पकड़ेगा।  

सचिवालय आने से बढऩे लगी रौनक

जम्मू में छह नवंबर से दरबार काम करने लगेगा
जम्मू। 
जम्मू सचिवालय के कार्यालयों के ताले सोमवार को खुलते ही एडवांस पार्टियां हरकत में आ गई। एडवांस पार्टियों ने श्रीनगर से आए सरकारी रिकॉर्ड को कब्जे में लेकर कार्यालयों तक पहुंचाया। जम्मू सचिवालय में कामकाज सुचारु बनाने के लिए मंगलवार से इस रिकॉर्ड को सेट करने का अभियान तेज हो जाएगा। जम्मू में छह नवंबर से दरबार काम करने लगेगा।
बुधवार से सचिवालय में बंद पड़ी बिजली व टेलीफोन के कनेक्शन भी काम करने लगेंगे। रिकॉर्ड को कार्यालयों में सेट करने की प्रक्रिया तीन नवंबर तक जारी रहेगी। ऐसे में कुछ दिन बाद सचिवालय मार्ग को आम ट्रैफिक के लिए बंद कर दिया जाएगा। सोमवार दोपहर चार बजे तक एडवांस पार्टियों की देखरेख में एसआरटीसी के ट्रकों में लोड सरकारी रिकॉर्ड को संबंधित कार्यालयों तक पहुंचाया गया। इस दौरान कुछ विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। कड़ी सुरक्षा के बीच सरकारी रिकॉर्ड रविवार शाम जम्मू पहुंच गया था।
अब जम्मू सचिवालय में सरकारी रिकॉर्ड को शुक्रवार तक विभागों में सेट कर दिया जाएगा। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के दौरे के साथ सचिवालय में कामकाज को सुचारु बनाने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य प्रशासन की उच्च स्तरीय बैठकें भी होंगी। सचिवालय कर्मचारी यूनियन के उप प्रधान सुरेश बेदी ने बताया कि सचिवालय के कार्यालयों को खोलने के साथ छह माह से बंद पड़े बिजली और टेलीफोन कनेक्शनों को सुचारु करने के लिए संबंधित विभागों से आवेदन कर दिया गया है। अगले दो दिन में ये सुचारु हो जाएंगे।