बुधवार, मई 03, 2017

'सभी को बिजली'

2019 तक सभी को बिजली प्रदान करने के प्रयास कर रही है सरकार : उपमुख्यमंत्री


दीपाक्षर टाइम्स संवाददाता
जम्मू। 

औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए बेहतर पावर परिदृश्य के महत्व पर जोर देते हुए उप मुख्यमंत्री डॉ निर्मल सिंह ने आज दोहराया कि सरकार बिजली वितरण और ट्रांसमिशन नेटवर्क को बढ़ाकर 2019 तक 'सभी को बिजली' प्रदान करने के अपने प्रयास कर रही है।
उप मुख्यमंत्री औद्योगिक संघों के सामने आने वाले विभिन्न मुद्दों को हल करने में उनके प्रयासों के लिए के सम्मानित करने के लिए बड़ी ब्रह्मणा इंडस्ट्रियल एसोसिएशन (बीबीआईए) द्वारा आयोजित समारोह में बोल रहे थे। उद्योग और वाणिज्य मंत्री चंद्रदर्शन गंगा ने भी भाग लिया।एमएलसी विक्रम रंधावा, उद्योग, हथकर्घा, सिडको के निदेशक तथा विभिन्न औद्योगिक संस्थाओं के सदस्य भी इस अवसर पर उपस्थित थे। इस अवसर पर सम्बोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने औद्योगिक उत्पादन के लिए ढांचागत विकास के महत्व को दोहराया। इसके अतिरिक्त उन्होंने कहा कि सरकार ऊर्जा वितरण तथा ट्रांसमिषन नेटवर्क में सुधार लाकर 2019 तक सभी को बेहतर बिजली उपलब्ध करवाने हेतु अथक प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि बहुत से औद्योगिक एस्टेटों को 24 घंटे बिजली उपलब्ध हो रही है तथा उन्होंने पीडीडी के मुख्य अभियंता को निर्देष देते हुए कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में बिना किसी परेषानी के बिजली उपलब्ध करवाई जाये। उन्होंने यह जानकारी भी दी कि प्रधानमंत्री विकास कार्यक्रम के तहत औद्योगिक एस्टेट से लेकर पावर ग्रिड तक बेहतर बिजली आपूर्ति के लिए राषि सुनिष्चित की गई है।
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री ने कहा कि बेरोजगार युवाओं की कला में वृद्धि लाकर तथा उद्योग सम्बंधी नीतियों के माध्यम से उद्यमियता को बढ़ावा देने सहित सक्रिय औद्योगिक विकास बेरोजगारी की समस्या से लडऩे में सहायता कर सकता है। इसके अतिरिक्त उन्होंने उद्योग प्रतिनिधियों पर बल देते हुए कहा कि  वे औद्योगिक क्षेत्रों के आसपास के स्थानीय लोगों के लाभ के लिए अपनी कारपोरेट सामाजिक जिम्मेदारियों पर विषेश ध्यान दें।
इससे पूर्व बीबीआईए के प्रधान ललित महाजन ने औद्योगिक क्षेत्र को 24 घंटे बिजली उपलब्ध करवाने तथा नये औद्योगिक एस्टेट स्थापित करने के लिए मंत्रियों को धन्यवाद दिया। बीबीआईए के सदस्यों ने मौजूदा तथा नई इकाईयों के लिए इंसैंटिव तथा इंकम टैक्स हॉलिडे में बढ़ोतरी, काम को आसान करने को अपनाना और औद्योगिक इकाईयों के बकाया बिजली किराये को बिना सरचार्ज या जुर्माने के एक बार माफी योजनाओं के मुददों को उठाया।
उपमुख्यमंत्री तथा आईएंडसी मंत्री ने सदस्यों को आष्वासन दिया कि उनके द्वारा रखी गई मांगों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने किया इंडो-डच फलोद्यान का उद्घाटन

मुख्यमंत्री ने इंडो-डच फलोद्यान का उद्घाटन किया, स्कास्ट में गल्र्स होस्टल का नींव पत्थर रखा
प्रयोगशाला तथा क्षेत्र के बीच दूरी को कम करने के निर्देश दिये 


दीपाक्षर टाइम्स संवाददाता
जम्मू।
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को स्कास्ट में इंडो-डच डिमांस्ट्रेशन सह एक्सपैरिमैंटल हाई डेन्सिटी ऑचर्ड का उदघाटन किया। उन्होंने प्रयोगशालाओं का दौरा भी किया तथा कैम्पस में गल्र्स होस्टल का नींव पत्थर रखा।
मुख्यमंत्री ने कैम्पस में फलोद्यान स्थापित करने के लिए सेब का पौधा लगाया।  कृषि मंत्री गुलाम नबी लोन हंजूरा, बागवानी मंत्री सईद बशारत बुखारी तथा बागवानी सचिव एम.एच. मलिक इस अवसर पर उपस्थित थे।  महबूबा मुफ्ती ने एक्सपैरिमैंटल फील्ड का दौरा कर वैज्ञानिकों के साथ बातचीत की। उपकुलपति प्रो. नजीर अहमद ने मुख्यमंत्री को डिमांस्ट्रेशन आर्चड की विशेषताएं बताईं। 
उपकुलपति ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि कैम्पस में 111 छोटी तथा बड़ी शोध परियोजनाएं प्रगति पर हैं तथा 18.93 करोड़ रु. की राशि के साथ 32 नई परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि विज्वविद्यालय ने उच्च गुणवत्ता वाले चावल, मक्की, गेहुं तथा अन्य फसलों की 12 नई नस्लें तैयार की हैं तथा बडगांव, बारामुला, बांदीपोरा तथा कुपवाडा जिलों के लिए मुश्कबुदगी की खेती को बढ़ावा दे रहा है।
उन्होंने कहा कि उनका विश्वविद्यालय घाटी में मंदी सब्जियों के उत्पादन के लिए कार्य कर रहा है तथा हाल ही में किसानों को हफ्ते में दो बार मौसम सम्बंधित सलाह दी गई है।
इसके उपरांत मुख्यमंत्री, जो विश्वविद्यालय की प्रो. कुलपति भी हैं, ने विश्वविद्यालय की रेजिड़यु एंड क्वालिटी एनालाईसिस तथा पेस्टीसाईड रेजिड़यु एनालाईसिस प्रयोगशालाओं का दौरा कर वहां पर चल रहे कार्यों का जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय प्रशासन को प्रयोशालाओं तथा क्षेत्रों के बीच दूरी को कम करने तथा अधिक से अधिक विस्तार कार्यों के माध्यम से नियमित तौर पर किसानों के साथ जांच की गई शोध को साझा करने को कहा।
कैम्पस के दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने महिला छात्राओं के लिए एक होस्टल ब्लॉक का नींव पत्थर भी रखा। इस तीन मंजिला होस्टल का निर्माण 5.30 करोड़ रु. की राशि के साथ किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने छात्राओं की सुविधा के लिए होस्टल के निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिये।  उपकुलपति ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि कश्मीर घाटी में पढऩे वाले कैम्पसों में 5 होस्टलों का कार्य प्रगति पर है।
 वरिष्ठ वैज्ञानिक, शिक्षक, अधिकारी, बुद्धिजीवी तथा अधिक संख्या में किसान इस अवसर पर उपस्थित थे। 


आपके साथ भी तो नहीं हो रही पेट्रोल पंप पर ठगी!

दीपाक्षर टाइम्स संवाददाता
जम्मू। 

पूरे देश में पेट्रोल पंपों पर आंखों के सामने लूट का धंधा लगातार जारी है। उत्तर प्रदेश में पेट्रोल पंप पर हो रही तेल की चोरी पकड़ी गई। इसके बाद ऐसा अंदाजा लगाया जा रहा है कि लोग जितना पेट्रोल-डीजल डलवा रहे थे असल में उनको उससे 10-15 प्रतिशत कम ही मिल रहा था। खबर के मुताबिक, घोटाले से पर्दा उठने के बाद अंदाजा लगाया जा रहा है कि अगर देश में मौजूद कुल पेट्रोल पंपों में से 10 प्रतिशत ऐसा कर रहे होंगे तो सालाना 250 करोड़ रुपए का घोटाला हो रहा होगा। तेल मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, देश में कुल 59,595 पेट्रोल पंप हैं। उनमें से 3.5 करोड़ उपभोक्ता 2,500 करोड़ रुपए का पेट्रोल-डीजल भरवाते हैं।
ऐसा भी माना जा रहा है कि यूपी की स्पेशल टास्ट फोर्स (एसटीएफ) ने जिन पेट्रोल पंपों का भांडा फोड़ किया है वे सब इस घोटाला का महज एक छोटा सा हिस्सा है। एसटीएफ द्वारा पकड़े गए मुख्य आरोपी रवींद्र ने भी कबूला था कि यूपी के तकरीबन एक हजार पेट्रोल पंपों में चोरी करने वाली चिप लगी हुई है। रवींद्र ने पूछताछ में बताया कि वह इस चिप को लगाने के लिए पेट्रोल पंप मालिक से 40 से 50 हजार रुपए तक लेता था। उससे जानकारी मिलने के बाद स्ञ्जस्न ने पांच और पेट्रोल पंपों पर छापा मारा था। मुरादाबाद से दो इंजीनियर्स को पकड़ा गया था। एक अधिकारी ने पहले बताया था कि इस गोरखधंधे के पीछे एक बहुत ही बड़े गैंग का हाथ है। इस गैंग ने यूपी में ही नहीं देश के अन्य राज्यों में भी इस प्रकार का गोरखधंधा फैला रखा है।
पेट्रोल में धांधली करने के लिए 2 से 3 लोग काम पर होते हैं। एक पेट्रोल डालता है तो दूसरा व्यक्ति पैसों का बैग लेकर साथ में खड़ा रहता है। बैग वाले व्यक्ति के पास एक रिमोट होता है। चिप को पेट्रोल डालने वाले नोजल के नीचे लगाया जाता है। जैसे ही गाड़ी में पेट्रोल डलता है उस समय अपने हिसाब से बैग वाला व्यक्ति रिमोट का बटन दबा देता है। इससे गाड़ी में पेट्रोल डलना तो बंद हो जाता है लेकिन मशीन ग्राहक की मांग के अनुसार पेट्रोल और पैसे दिखाती रहती है। यह चिप और रिमोट बहुत ही आसानी से दिल्ली और कानपुर के बाजारों में एक से दो हजार रुपए में मिल जाते है।

शक्तिनगर वार्ड-29 गली नं. 4 का हाल बेहाल

हमारी भी सुने सरकार

 दीपाक्षर टाइम्स संवाददाता
जम्मू। 

शहर को स्मार्ट सिटी बनाने की होड़ में लोगों को कितनी दिक्कतें-परेशानियां उठानी पड़ रही हैं, इसका अंदाजा शक्तिनगर के वार्ड-29 की गलीं नबर 4 की दुर्दशा देखकर सहज ही लगाया जा सकता है। समस्या के बारे में अमित कुमार ने बताया कि यहां सीवर पाइप लाइन बिछाने तथा पानी की पाइपें लगाने के नाम पर सड़क को खोदकर डाल दिया गया, लेकिन कई माह बीत जाने के बावजूद भी इसे बनाने का नाम तक नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि अब बारिश का सीजन आने वाला है, ऐसे में इस सड़क का क्या हाल होगा, सोचकर ही कलेजा कांपने लगता है।
वहीं रवि ने बताया कि यहां नाली के जंगले टूटे होने के कारण रोजाना ही लोग चोट खा बैठते हैं, लेकिन नगर पालिका प्रशासन के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है। स्ट्रीट लाइटें न जलने के कारण रात में नाली के हटे जंगले दुर्घटना का कारण बन रहे हैं और लोग इसमें गिरकर घायल हो रहे हैं।
विजय कुमार ने बताया कि पानी की पाइपें पुरानी और फटी होने के कारण लोगों के घरों तक पेयजल की आपूर्ति नहीं हो पाती जिस कारण लोगों को पेयजल की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने रोष जताते हुए कहा कि गर्मियों के दिनों में पानी की कमी के कारण मोहल्ले वासियों का जीना मुहाल होकर रह गया है। मोहल्लेवासियों को इस बात पर भी नाराजगी है कि यहां के चुने हुए जनप्रतिनिधि, जिन्हें जनता ने बड़े विश्वास के साथ जिताया था, आज वे भी आमजन की समस्याओं के प्रति अपना मुंह मोड़े हुए हैं।

हरिओम घंटी वाला नान

दीपाक्षर टाइम्स संवाददाता
जम्मू। 

रानी पार्क में स्थित हरिओम घंटी वाला नान लोगों को बहुत ही लज्जत भरे स्वाद में उपलब्ध करवा रहे हैं। इसके मालिक बल्देव राज बताते हैं कि वे करीब 24 वर्षों से इस व्यवसाय में हैं और स्वाद के साथ लोगों की सेहत का भी ख्याल रखते हैं। उन्होंने बताया कि वे नान में केवल अमूल का ही मक्खन इस्तेमाल करते हैं क्योंकि सस्ते के चक्कर में लोगों की सेहत से खिलवाड़ नही करना चाहते। यहां पर आलू नान, पनीर नान, गोभी नान, प्याज नान तथा बटर नान मिलते हैं। नान के साथ मिलने वाले चने और राजमा के स्वाद का तो कहना ही क्या, एक बार जो खा ले तो बार-बार यहीं आए। हरिओम घंटी वाले नान की सबसे खासियत इनकी स्पेशल चटनी है, जो नान का स्वाद और बढ़ा देती है।